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मैं हूँ तेरी परछाई

मैं हूँ तेरी परछाई

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मेरी आँखों में देखो
दिन के उजाले दिखेंगे
आधी रात में भी …

पलक झपकते गौर से देखो
गहरा अंधेरा पाओगे
दिन की चमक में भी।

मन को भटकने न दें
यह सोचकर कि ऐसा क्यों है…

क्योंकि मैं हूँ तेरी परछाई
सभी उच्च और निम्न क्षणों में।


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